Category: Indian History

19 वीं शताब्दी में मनोविज्ञान, व्यवहार के विज्ञान के रुप में स्थापित 0

19 वीं शताब्दी में मनोविज्ञान, व्यवहार के विज्ञान के रुप में स्थापित

19 वीं शताब्दी में मनोविज्ञान, व्यवहार के विज्ञान के रुप में स्थापित शिक्षा का यह उद्देश्य प्राचीनकाल से शिक्षा को आदर्शवादी दृष्टि प्रदान करता रहा है। आधुनिक युग में वैज्ञानिक चेतना के विकास के...

नागरिकता की शिक्षा का जन्म कहाँ पर हुआ था? 0

नागरिकता की शिक्षा का जन्म कहाँ पर हुआ था?

नागरिकता की शिक्षा का जन्म कहाँ पर हुआ था? उपरोक्त पांचों दिशाओं में बालक की बाह्य और आन्तरिक शक्तियों का समान विकास शिक्षा द्वारा किया जाना चाहिए | इसी सन्दर्भ में महात्मा गांधी शिक्षा...

नैतिक और चारित्रिक विकास का लक्ष्य 0

नैतिक और चारित्रिक विकास का लक्ष्य

नैतिक और चारित्रिक विकास का लक्ष्य संसार में न तो धन का प्रभुत्व है और न बुद्धि का । यदि किसी का प्रभुत्व है तो वह चरित्र और पवित्रता का । शिक्षा के पारम्परिक...

मनोवैज्ञानिकों के निर्देशानुसार अधिगम के विकास के सिद्धांतों का महत्व बताइये 0

मनोवैज्ञानिकों के निर्देशानुसार अधिगम के विकास के सिद्धांतों का महत्व बताइये

मनोवैज्ञानिकों के निर्देशानुसार अधिगम के विकास के सिद्धांतों का महत्व बताइये 1. जानने का अधिगम (Learning to know):- जानने के अधिगम का अर्थ है शिक्षा द्वारा लोगों में नवीन ज्ञान ग्रहण करने की योग्यता...

बालक के वैयक्तिक विकास में मनोविज्ञान का क्या महत्व है? 0

बालक के वैयक्तिक विकास में मनोविज्ञान का क्या महत्व है?

बालक के वैयक्तिक विकास में मनोविज्ञान का क्या महत्व है? (i) वैयक्तिक दृष्टिकोण – बालक के वैयक्तिक विकास में जीव शास्त्र का यथेष्ट योग रहता है । क्योंकि बालक के व्यवहार में जैविकीय तत्वों...